केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। 7वें वेतन आयोग की समय सीमा 31 दिसंबर 2025 को ही समाप्त हो चुकी है। अब 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी और पेंशन में कितनी वृद्धि होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस संबंध में 13 अप्रैल 2026 को एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।
1. 13 अप्रैल की मीटिंग क्यों है खास?
नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी 13 अप्रैल को सुबह 11 बजे नई दिल्ली में बैठक करेगी।
- उद्देश्य: कर्मचारी संगठनों की मांगों वाले ‘साझा मेमोरेंडम’ (Memorandum) को अंतिम रूप देना।
- विषय: वेतन वृद्धि, पेंशन, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के बाद यह मेमोरेंडम 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा।
2. सैलरी का गणित: कितनी होगी बेसिक सैलरी?
8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी का निर्धारण ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) पर निर्भर करेगा। कर्मचारी संगठनों ने 3.25 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है।
| फिटमेंट फैक्टर (अनुमान) | वर्तमान न्यूनतम सैलरी (Level-1) | नई संभावित न्यूनतम सैलरी |
|---|---|---|
| यदि 2.50 हुआ | ₹18,000 | ₹45,000 |
| यदि 3.25 हुआ | ₹18,000 |
(नोट: आधिकारिक आंकड़ा आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।)
3. 8वें वेतन आयोग का अब तक का सफर (Timeline)
- नवंबर 2025: वेतन आयोग का आधिकारिक गठन किया गया।
- 5 मार्च 2026: मेमोरेंडम जमा करने की विंडो ओपन हुई।
- 31 मार्च 2026: प्रश्नावली जमा करने की आखिरी तारीख थी।
- मई 2027: आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
4. कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
सैलरी बढ़ोतरी के अलावा कर्मचारी संगठन निम्नलिखित मांगों पर अड़े हैं:
- पुरानी पेंशन योजना (OPS): ओपीएस को दोबारा लागू करने की जोरदार मांग।
- NPS/UPS रिव्यू: वर्तमान पेंशन योजनाओं की समीक्षा।
- छुट्टियां: छुट्टियों की संख्या में वृद्धि और महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं।
- पेंशनर्स: पेंशनभोगियों के अधिकारों का संरक्षण और पेंशन में इजाफा।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार के 50 लाख कर्मचारियों और 60 लाख पेंशनभोगियों पर इस निर्णय का सीधा असर पड़ेगा। यदि 13 अप्रैल की बैठक में मेमोरेंडम फाइनल हो जाता है, तो 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया में तेजी आएगी। कर्मचारी इस आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग कर रहे हैं।
